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पहला हाथ में फुटबॉल खेल कोरोना के मरीजों को एक्सरसाइज करना हो सकता है घातक : रि

Coronavirus एक्सरसाइज करना कोरोना के मरीजों के लिए हो सकता है घातक : रिसर्च

Coronavirus and Exercise : एक्सरसाइज करने से हमारा शरीर स्वस्थ रहता है, इस बात में किसी तरह का कोई संदेह नहीं है। नियमित रूप से अगर आप एक्सरसाइज करते हैंपहला हाथ में फुटबॉल खेल, तो आपका वजन भी कंट्रोल में रहेगा। इतना ही नहीं एक्सरसाइज करने से दिल की बीमारीपहला हाथ में फुटबॉल खेल, शुगर की समस्यापहला हाथ में फुटबॉल खेल, सांस से संबंधित बीमारियांपहला हाथ में फुटबॉल खेल, मानसिक स्वास्थ्य जैसी अनेक समस्याएं ठीक होती हैं। एक्सपर्ट्स की मानें तो एक व्यक्ति को लंबे समय तक स्वस्थ रहने के लिए प्रतिदिन 30 से 45 मिनट तक एक्सरसाइज करना (Coronavirus and Exercise) चाहिए। Also Read - भारत में ऑक्सफोर्ड-एस्ट्राजेनेका की कोविड वैक्सीन का ट्रायल फिर से शुरूपहला हाथ में फुटबॉल खेल, DCGI ने दी अनुमति

एक ओर एक्सरसाइज का हमारे जीवन में इतना महत्व है, तो दूसरी ओर एक अध्ययन में यह बात सामने आई है कि कोरोना के मरीजों के लिए एक्सरसाइज करना सेहत के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा। अध्ययन के मुताबिक, क्रिकेट ऑनलाइन बेटिंग कोरोना से पीड़ित व्यक्ति अगर एक्सरसाइज करते हैं, तो उनमें घातक संक्रामक बीमारियों के लक्षण नजर आ सकते हैं। इससे उनके हालात काफी ज्यादा बिगड़ भी (Coronavirus and Exercise) सकते हैं। Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

कोरोनावायरस और एक्सरसाइज के बीच संबंध

यह अध्ययन जामा कार्डियोलॉजी में प्रकाशित हुआ है। इस अध्ययन के अनुसार, जर्मन शोधकर्ताओं ने देखा कि कोरोनोवायरस के मरीजों में संक्रमण के लक्षण कम मौजूद होने पर अगर वे थोड़ी एक्सरसाइज करते हैं, तो उनके लिए यह घातक रूप ले लेता है। अध्ययन में पाया गया कि कोरोनावायरस से पीड़ित मरीज अगर एक्सरसाइज करते हैं,पहला हाथ में फुटबॉल खेल तो उन्हें दिल से जुड़ी गंभीर बीमारी हो सकती है। इतना ही नहीं ऐसा करने से COVID-19 के लक्षण और भी बदतर बना सकती है। इसके साथ ही एक्सरसाइज कुछ रोगियों के लिए मायोकार्डिटिस का कारण भी बन सकती है, जिसमें मरीज के हृदय की मांसपेशी (मायोकार्डियम) सूज जाती है। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49,30,236, अब तक 80,776 लोगों की मौत

100 वयस्कों पर किया गया कॉर्डियक एमआरआई

इस अध्ययन में रिसर्चर्स ने कोरोनावायरस से ठीक हो चुके 100 वयस्कों का कॉर्डियक एमआरआई टेस्ट किया। इसमें से करीब 50 लोगों में कोरोना के माइल्ड लक्षण थे। वहीं, 18 फीसदी मरीजों में कोरोना के किसी भी तरह के कोई भी लक्षण मौजूद नहीं थे। आपको बता दें कि यह टेस्ट कोविड मरीजों के ठीक होने के करीब 2 माह बाद किया गया था। उस दौरान उनमें से किसी भी मरीज को हृदय से जुड़ी समस्या नहीं थी। लेकिन उनमें से 78 के दिलों में संरचनात्मक परिवर्तन हुए और 60 में मायोकार्डिटिस था।

एक्सरसाइज करते समय हृदय का कार्डियक आउटपुट काफी अधिक बढ़ता है। इसलिए कोरोना के मरीज अगर एक्सरसाइज करते हैं, तो यह दिल को क्षति पहुंचाने का कारण बन सकती है। अगर आप कोरोना पॉजिटिव हो चुके हैं, तो आपको अपने हार्ट रेट पर ध्यान देना होगा। यदि आपकी हृदय गति अचानक बढ़ जाती है और सांस लेने में दिक्कत होती है, तो तुरंत डॉक्टर्स से संपर्क करें।

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Published : September 3, 2020 9:00 am | Updated:September 3, 2020 9:01 am Read Disclaimer Comments - Join the Discussion शोधकतार्ओं का कमाल: अब इस आसान तरीके से होगा पेट के अल्सर का इलाजशोधकतार्ओं का कमाल: अब इस आसान तरीके से होगा पेट के अल्सर का इलाज शोधकतार्ओं का कमाल: अब इस आसान तरीके से होगा पेट के अल्सर का इलाज 10 साल से छोटे बच्चे आसानी से आ सकते हैं कोविड-19 की चपेट में, अमेरिका में 4 लाख से अधिक बच्चे कोरोना संक्रमित10 साल से छोटे बच्चे आसानी से आ सकते हैं कोविड-19 की चपेट में, अमेरिका में 4 लाख से अधिक बच्चे कोरोना संक्रमित 10 साल से छोटे बच्चे आसानी से आ सकते हैं कोविड-19 की चपेट में, अमेरिका में 4 लाख से अधिक बच्चे कोरोना संक्रमित ,,
 

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