इलेक्ट्रॉनिक पंजा खिलौना हथिया

पहला हाथ में फुटबॉल खेल कोरोनावायरस की वैक्सीन किसे देनी है पहले, कैसे करें तय

coronavirus-vaccination खुशखबरी! आम लोगों को इसी हफ्ते से मिलेगी कोरोना वैक्सीन, जानें कहां और कैसे

Coronavirus Vaccine : वैक्सीन के वितरण को लेकर दुनिया के कम से कम 19 स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने ‘फेयर प्रायोरिटी मॉडल’ के नाम से एक नया तीन चरणीय प्रस्ताव पेश किया है, जिसका मकसद कोविड-19 से हो रही मौत व स्वास्थ्य संबंधी अन्य जोखिमों को कम करना है। अमेरिका में पेन्सिलवेनिया विश्वविद्यालय से शोध के प्रमुख लेखक ईजेकीन जे.एमानुएल कहते हैंपहला हाथ में फुटबॉल खेल, “जनता के बीच वैक्सीन को निष्पक्ष तरीके से वितरित किया जाना हैपहला हाथ में फुटबॉल खेल, लेकिन स्वाभाविक तौर पर हम क्या करते हैंपहला हाथ में फुटबॉल खेल, जिसकी स्थिति जितनी अधिक नाजुक होती हैपहला हाथ में फुटबॉल खेल, उसे ही पहली प्राथमिकता देते हैं। हम मानते हैं कि वैक्सीन से महामारी का सामना कर रहे लोगों की मौतों में (Coronavirus Vaccine) कमी आएगी।” Also Read - स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहापहला हाथ में फुटबॉल खेल, कोविड रोगियों के लिए मेडिकल ऑक्सीजन की कोई कमी नहीं

अपने प्रस्ताव में लेखकों ने तीन ऐसी बातें बताई हैं, जिन पर वैक्सीन वितरण के समय ध्यान दिया जाना जरूर है : लोगों को लाभ पहुंचाना व नुकसान को सीमित करना, हाथ में लाठी खेल गैर लाभार्थियों को प्राथमिकता देना और हर एक व्यक्ति पर समान रूप से ध्यान देना। ‘फेयर प्रायोरिटी मॉडल’ कोविड-19 से पैदा होने वाले तीन प्रकार के नुकसानों को कम करने के लिए इन्हीं महत्वपूर्ण बातों पर गौर फरमाया है। ये तीन नुकसान हैं : मृत्यु या किसी अंग का हमेशा के लिए खराब हो जाना, सेहत पर अप्रत्यक्ष रूप से प्रभाव पड़ना, जैसे कि हेल्थ केयर सिस्टम पर अधिक दबाव व तनाव और आर्थिक रूप (Coronavirus Vaccine) से तबाही। Also Read - Covid-19 Live Updates: भारत में कोरोना के मरीजों की संख्या हुई 49,30,236, अब तक 80,पहला हाथ में फुटबॉल खेल776 लोगों की मौत

यह मॉडल का पहला चरण

इसमें शोधकर्ताओं ने मृत्यु, खासकर अकाल मृत्यु को रोकने की बात कही है। हर देश में जीवन प्रत्याशा दर से कोविड-19 से हो रही अकाल मृत्यु की पुष्टि की जा रही है। सामान्यत: वैश्विक स्वास्थ्य सूचकांक को इसी आधार पर तय किया जाता है। एक निर्धारित उम्र के जीवन में शेष बचे वर्षो की औसत संख्या जीवन प्रत्याशा दर है। Also Read - केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा, कोरोनावायरस से लड़ाई अभी जारी रहेगी

दूसरे चरण में आर्थिक सुधार

इसमें शोधकर्ताओं ने निम्न वर्ग के लोगों की स्थिति को बेहतर बनाने की बात भी कही गई है, ताकि गरीबी को फैलने से रोका जा सके।

तीसरा चरण

इस चरण में शोधकर्ताओं ने उन देशों को प्राथमिकता देने की बात कही गई है, जहां संचरण दर सबसे ज्यादा है, हालांकि इसे रोकने के लिए हर देश में समान मात्रा में वैक्सीन वितरण किए जाने के बारे में भी बताया गया है। शोधकर्ताओं ने बताया कि फ्रंटलाइन हेल्थ केयर वर्कर्स की संख्या के आधार पर देशों को प्राथमिकता की सूची में स्थान दिया जाना चाहिए।

डायबिटीज की तरह ही इस रोग के मरीजों को भी है कोरोना का अधिक खतरा

ठीक इसी तरह, जिन देशों में वृद्धों की संख्या ज्यादा है, वहां वैक्सीन पर ध्यान केंद्रित करने से भी न तो वायरस का प्रसार कम होगा और न ही मृत्युदर घटेगी। बात अगर कम या मध्यम आय वाले देशों की करें, तो यहां वृद्धों की संख्या सामान्यत: कम होती है। कुल मिलाकर, मॉडल में नुकसान को कम करने, गैर लाभार्थियों पर ध्यान देने और लोगों में समानता को बरकरार रखने की बात कही गई है।

एक्सरसाइज करना कोरोना के मरीजों के लिए हो सकता है घातक : रिसर्च

Published : September 5, 2020 5:29 pm | Updated:September 5, 2020 5:43 pm Read Disclaimer Comments - Join the Discussion स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, बिना डॉक्टरी पर्चे के भी होगा कोविड-19 टेस्टस्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, बिना डॉक्टरी पर्चे के भी होगा कोविड-19 टेस्ट स्वास्थ्य मंत्रालय ने जारी की नई गाइडलाइन, बिना डॉक्टरी पर्चे के भी होगा कोविड-19 टेस्ट डायबिटीज की तरह ही इस रोग के मरीजों को भी है कोरोना का अधिक खतराडायबिटीज की तरह ही इस रोग के मरीजों को भी है कोरोना का अधिक खतरा डायबिटीज की तरह ही इस रोग के मरीजों को भी है कोरोना का अधिक खतरा ,,
 

随机文章

相关站点

友情链接

Powered by इलेक्ट्रॉनिक पंजा खिलौना हथिया @2018 RSS地图 html地图